Wednesday, October 2, 2019

व्हाट इज व्हीकल लुब्रिकेटिंग सिस्टम - What is vehicle lubricating system

नमस्कार दोस्तों, हम आपका हमारी वेबसाइट पर स्वागत करते हैं। आज हम यहां "व्हाट इज व्हीकल लुब्रिकेटिंग सिस्टम" के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। यदि आप एक वाहन उपयोगकर्ता हैं तो आपको यह जानना आवश्यक है कि समय-समय पर वाहन के कौन से हिस्से लुब्रिकेट करना होता हैं। क्योंकि वाहन में कई भाग होते हैं, जिनमें अगर चिकनाई न हो, तो यह विभिन्न समस्याओं का भी सामना कर सकता है। जिसके लिए आपको ज्यादा पैसे भी खर्च करने पड़ सकते हैं। इसके बारे में अधिक जानने के लिए इस लेख को अंत तक पढ़ें।


व्हाट इज व्हीकल लुब्रिकेटिंग सिस्टम


आज, इस लेख में, आप जानेंगे, वाहन लुब्रिकेटिंग प्रणाली क्या है? और चिकनाई प्रणाली से संबंधित सभी जानकारी। इसके अलावा, वाहन के किन हिस्सों में लुब्रिकेटिंग की जाती है? और लुब्रिकेटिंग कितने प्रकार की होती है? साथ ही, वाहन की लुब्रिकेटिंग प्रणाली से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी इस लेख के माध्यम से हिंदी में प्रस्तुत की जा रही है। ख़ुशी है की यह लेख आप सभी को पसंद आयेगा।

व्हाट इज व्हीकल लुब्रिकेटिंग सिस्टम - What is vehicle lubricating system


स्मुथिंग प्रणाली को ही वंगन प्रणाली कहा जाता है। इसमें वाहन के विभिन्न भागों को ग्रीस या ऑइल लगाकर फ्री किया जाता है। इस विधि में लुब्रिकेटिंग ऑइल और इसके गुण होते हैं। यह वाहन के किसी भी घूमने वाले हिस्से को फ्री बनाता है। वाहन के भागों को चिकनाई करने से वाहन के इंजन की दक्षता में सुधार होता है। जिससे वाहन की कार्यक्षमता बढ़ जाती है।


लुब्रिकेंट को विभिन्न भागों जैसे वाहन बीयरिंग, क्रैंक पिंस में किया जाता है। इससे वाहन के चलने वाले हिस्सों में कम घर्षण होता है और इंजन मुक्त होता है। इसी तरह, वाहन के घूर्णन भागों में घर्षण न होने के कारण वाहन इंजन की आउटपुट शक्ति को बढ़ाया जा सकता है। इसीलिए वाहन के घूमने वाले भागों में चिकनाई की जाती है।

वाहन के कौन से हिस्से में लुब्रिकेंट किया जाता है?


एक वाहन के कई अलग-अलग हिस्से होते हैं जिन्हें समय-समय पर लुब्रिकेटिंग की आवश्यकता होती है। इससे चिकनाई वाले भागों में घर्षण नहीं होता है और वाहन के इंजन की कार्यक्षमता बढ़ जाती है। वाहन के निम्नलिखित भागों में लुब्रिकेंटिंग किया जाता है। आइए जानते हैं कि उन भागों के नाम क्या हैं?
  • क्रैन्कशाफ्ट बेअरिंग
  • क्रैंक पिन
  • कनेक्टिंग रॉड बिग एंड और स्माल एंड 
  • गजन पिन बुश 
  • सिलिंडर व्हाल्व 
  • पिस्टन और पिस्टन रिंग 
  • व्हाल्व ऑपरेटिंग मेकैनिजम 
  • टाइमिंग गियर इत्यादि।
इसके अलावा इंजन के भी कुछ लुब्रिकेटिंग सिस्टम होते है, जिनमे ऑइल सम्प, ऑइल पंप, ऑइल फ़िल्टर, ऑइल स्ट्रेनर, प्रेशर रिलीफ व्हाल्व, और ऑइल प्रेशर गेज शामिल है। यह इंजन के बाग़ है जिनमे ऑइलिंग करना आवश्यक होता है।

लुब्रिकेंट किसे कहते है? (What is a lubricant)


लुब्रिकेंट एक तरल पदार्थ है जिससे किसी भी घूमने वाली वस्तु को मुक्त किया जा सकता है। इसमें वाहन के घर्षण को कम करने की क्षमता होती है। इसके अलावा, किसी भी घिसने वाली सामग्री को लुब्रिकेट करने के लिए लुब्रिकेंट  का उपयोग किया जाता है, इसे वंगन (लुब्रिकेंट) कहा जाता है।


लुब्रिकेंट के प्रकार (Types of lubricants)


वाहन के विभिन्न भागों को लुब्रिकेट करने के लिए विभिन्न प्रकार के लुब्रिकेंट का उपयोग किया जाता है। इसलिए वाहन के भागों के अनुसार तीन अलग-अलग प्रकार के लुब्रिकेंट होते हैं। वह निम्नलिखित है।
  1. ठोस लुब्रिकेंट (Solid lubricant)
  2. अर्ध ठोस लुब्रिकेंट (Semi solid lubricant)
  3. तरल लुब्रिकेंट (Liquid lubricant)

 ठोस लुब्रिकेंट (Solid lubricant)


यह लुब्रिकेंट ड्राई रूप में होता है इसलिए इसे सॉलिड लुब्रिकेंट कहा जाता है। इसे वाहन के आवश्यक भागो में लगाने के लिए आप अपने हाथो की उंगलियों का इस्तेमाल कर सकते है। उदहारण के लिए ग्रैफाईट, मायका, सोप स्टोन, स्टिराईट इत्यादि।

अर्ध ठोस लुब्रिकेंट (Semi solid lubrict)


यह लुब्रिकेंट तरल तथा ठोस पदार्थ से बना होता है। इसलिए इसे अर्ध ठोस लुब्रिकेंट कहा जाता है। दुसरे शब्द में इसे ग्रीस भी कहा जाता है।

तरल लुब्रिकेंट (Liquid lubricant)


 प्रवाही स्निग्धता युक्त तरल पदार्थ को तरल लुब्रिकेंट कहा जाता है। उदाहण के लिए मिनरल ऑइल, व्हेजिटेबल ऑइल, एनिमल ऑइल इत्यादि।

लुब्रिकेंट ऑइल के प्रकार (Types of lubricant oil)


पेट्रोल और डीजल इंजन के लिए विभिन्न विस्कोसिटी ऑइल का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए सोसायटी ऑफ़ ऑटोमोटिव इंजीनियर्सने ऑइल के विस्कोसिटी के अनुसार अलग अलाग नंबर दिया गया है। इसे SAE नंबर कहा जाता है। यह ऑइल मौसम के अनुसार वाहन में इस्तेमाल किये जाते है।

5W, 10W, 20W S.A.E. नंबर के ऑइल का इस्तेमाल ठण्ड के मौसम में किया जाता है। इसलिए इसे "विंटर मल्टी ग्रेड ऑइल" काहा जाता है। उसी तरह 20,30, और 40 S.A.E. नंबर वाले आयल का इस्तेमाल गर्मी के मौसम में किया जाता है इसलिए इसे "समर मल्टी ग्रेड ऑइल" कहा जाता है। लेकिन कुछ ऑइल का इस्तेमाल दोनों भी मौसम में किया जाता है इसलिए इसे मल्टीग्रेड व्हिस्कोसिटी ऑइल कहा जाता है।


अनमोल शब्द 

प्रिय पाठकों, हमें खुशी है कि यह लेख "व्हाट इज व्हीकल ल्यूब्रिकेटिंग सिस्टम" आपके लिए बहुत उपयोगी साबित हुआ है। अगर आपको यह लेख पसंद आया है, तो इसे अपने परिचितों और सहपाठियों के साथ साझा करें। इसके अलावा, यदि आपके मन में कोई सवाल उठता है, तो टिप्पणी में पूछ सकते हैं।

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