Monday, September 30, 2019

फोर व्हीलर सर्विसिंग प्रक्रिया - Four Wheeler Servicing Process

आपको पता होगा कि जब कोई नया वाहन खरीदता है, तो उन्हें वाहन के साथ सर्विसिंग बुक दी जाती है, जिससे आपको वाहन के रखरखाव और सर्विसिंग के बारे में जानकारी मिलती है। यदि आप चार पहिया वाहन सर्विसिंग के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो इस लेख को अंत तक पढ़ें। (Four Wheeler Servicing Process in hindi.)



फोर व्हीलर सर्विसिंग प्रक्रिया

इस लेख में, हम जानेंगे कि वाहन की सर्विसिंग कैसे की जाती है? और वाहन सर्विसिंग की प्रक्रिया क्या है? इसके बारे में। वाहन की सर्विसिंग कब की जाती है? समय-समय पर वाहन के किन भागो की सर्विसिंग की जाती है? इसके अलावा, चार पहिया वाहनों की सर्विसिंग प्रक्रिया से संबंधित सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से हिंदी में प्रस्तुत की जा रही है।

किसी भी वाहन की सर्विसिंग उसकी रखरखाव पुस्तक के अनुसार की जाती है। वाहन की सर्विसिंग केवल वाहन को अच्छा रखने के लिए की जाती है। साथ ही, वाहन की उम्र और कार्यक्षमता भी बढ़ाई जा सकती है। ताकि वाहन अपने हैंडलिंग समय के अनुसार अच्छा प्रदर्शन करे। अब आगे जानते हैं कि वाहन की सर्विसिंग क्या है? इसके बारे में।

वाहन सर्विसिंग क्या है - What is Vehicle Servicing

प्रिय पाठकों, हमने आपको अपने पिछले लेख में वाहन का रखरखाव के बारे में बताया था। इसी तरह, आज के लेख में हम आपको फोर व्हीलर की सर्विसिंग प्रक्रिया के बारे में बताने जा रहे हैं। आपको बता दे कि यह लेख हमारे पिछले लेख के प्रिवेंटिव मेंटेनन्स से ही संबंधित है। क्योंकि वाहन की सर्विसिंग, यह वाहन के प्रिवेंटिव मेंटेनन्स का एक प्रकार है। वाहन की सर्विसिंग में निम्नलिखित बातों की जाँच की जाती है।
  • वाहन की अच्छी सफाई की जाती है। 
  • वाहन के लुब्रिकेटिंग प्रणाली की जांच की जाती है। 
  • वाहन के कार्ब्युरेटर की जांच की जाती है। 
  • साथ ही वाहन के एयर और ऑइल फ़िल्टर की जांच की जाती है। 
  • इसके अलावा वाहन के स्पार्कप्लग या नोजल की भी जांच की जाती है। 
  • यदि वाहन में इनमे से किसी भीदोष पाया जाता है तो इनकी मरम्मत की जाती है या उसे बदल दिया जाता है। 

वाहन की सर्विसिंग करने से वाहन हमेशा चालू स्थिति में रहता है, साथ ही वाहन का प्रदर्शन बढ़ता है और वाहन का चलन भी बढ़ता है। वाहन की सर्विसिंग करने से वाहन हमेशा अच्छा और सुरक्षित रहता है। अगर आप सही समय पर वाहन की सर्विसिंग करा रहे हैं, तो आपके वाहन का माइलेज भी बना रहता है।

वाहन की सर्विसिंग कब करानी चाहिए? (When should the vehicle be servicing)

वाहन की सर्विसिंग आमतौर पर 5000 किमी चलने के बाद की जाती है। इसे वाहन की सामान्य सर्विसिंग कहा जाता है। सामान्य सर्विसिंग वाहनों के लिए अनुकूल परिस्थितियों में और कठिन परिस्थितियों में होती है जैसे खराब सड़क, ओवर-वॉल्ड रोड, हिल साइड, आदि। इनमे कुछ हिस्सों की मरम्मत वाहन की सर्विसिंग के दौरान की जाती है। इसे वाहन की मरम्मत या सर्विसिंग कहा जाता है। इसी तरह  फोर व्हीलर वाहन भी सर्विस किया जाता है। अब हम आगे चार पहिया वाहन की सर्विसिंग प्रक्रिया के बारे में जानते हैं।

फोर व्हीलर सर्विसिंग प्रक्रिया - Four Wheeler Servicing Process

फोर व्हीलर वाहन की सामान्य सर्विसिंग प्रक्रिया की जानकारी पाने के लिए निम्नलिखित पॉइंट्स को फ़ॉलो करे।
  • वाहन की सर्विसिंग के लिए, पहले वाहन के सभी खिड़की दरवाजे बंद कर दें।
  • उसके बाद, वाहन को फहराने (hoist) पर लगाया जाता है।
  • वाहन को जमीन से छह इंच ऊपर उठाने के बाद, वाहन के किनारे पर लगे पहियों को बाहर निकालें। और फिर वाहन को पूरी तरह से फहराने (hoist) पर चढ़ाये।
  • वाहन को ठीक से ऊपर उठाने के लिए समायोजित करें, साइड रेल के नीचे स्टैंड स्थापित करें।
  • वाहन को साफ करें, लेकिन उसके लिए, पहले हवा के दबाव की मशीन से कार पर लगे धूल को साफ करे।
  • यदि वाहन में कोई मेटिंग है, तो उसे निकाल लें।
  • उसके बाद, अंदर बाहर दोनों तरफ से दबाव वाले पानी से कार को धो लें।
  • अगर गाडी में फेल्ट शिट है तो उसे बहार निकल ले या वह भीगे नही इसका ध्यान रखे।
  • यदि गाडी के किसी भी पार्ट्स पर जंग या तेलकट भाग है तो उसपर पैराफिन गन की मदत से रोकेल स्प्रे करे। ताकि वाहन पर किसी प्रकार का जंग ना लगे। 
  • गाडी का चेचिस साफ़ करने के लिए गाडी के निचे से क्लीनिंग सोल्वट का फवारा मारे और उसे 20 मिनट सूखने दे। उसके बाद पानी का फवारा मारकर चेचिस को साफ़ करे। 
  • शैम्पू के पानी में योग्य मिश्रण तयार करके फोम या मुलायम कपडे से कांच और बहार की बॉडी को लगाये। 
  • उसके बाद वाहन को अधिक प्रेशर वाले पानी के फवारे से धो ले, साथ ही वाहन के अन्दर और बहार से पानी का फवारा मार ले। 
  • पानी से साफ़ करने के बाद गाडी के चेचिस को एयर प्रेशर से सुखा ले। 
  • चेचिस के सभी फुर्जो में एंटी केरोझिव्ह ऑइल का फवारा मार ले। 
  • इस तरह आपकी कार पूरी तरह से साफ हो जाएगी।

निम्नलिखित नट बोल्ट की जाँच करें (Check the following nut bolt)
गाडी की पूरी तरह साफ सफाई होने के बाद निम्नलिखित नट बोल्ट की जांच करे और उसे टाईट करे।
  • इंजिन फाउंडेशन बोल्ट की जाच करे। 
  • ऑइल सम्प फिक्सिंग बोल्ट और ड्रेन प्लग की जांच करे। 
  • जनरेटर या अल्टरनेटर और स्टार्टर माउन्टिंग बोल्ट की जांच करे। 
  • इनलेट और एक्सोस्ट मेनिफोल्ड, एक्सोस्ट पाइप और मफलर क्लैंप के नट-बोल्ट की जाँच करे। 
  • गाड़ी के आगे और पीछे लीफ स्प्रिंग यु बोल्ट की जाँच करे। 
  • लीफ स्प्रिंग शैकल और हँकर पिन के नत को कस ले। 
  • गाडी के स्टेरिंग गियर बॉक्स के माउन्टिंग बोल्ट की जाच करे। 
  • पिटमन आर्म, ड्रैग लिंक और टायरोड़ लिंकेजस-एंड नट्स की जाँच करे। 
  • युनिव्हर्सल जॉइंट फ्लैज फिक्सिंग नट बोल्ट की जाँच करे। 
  • गाडी के आगे और पीछे के व्हील नट्स की जांच करे और टाईट करे। 
  • ड्राईवर कैब और बॉडी माउन्टिंग नट बोल्ट्स साथ ही डोअर के बिजागर्स और हँडल के स्क्रू की जाँच करे और टाईट करे। 
  • चेचिस के नट बोल्ट की जाँच करे और टाईट करे। 
कार के विभिन्न भागों की जाँच करें (Check different parts of the car)

गाडी के सर्विसिंग के दौरान निम्नलिखित भागो की जाँच करे।
  • गाडी का इंजिन चालू होने पर प्रवाहि द्रव के लीकेज की जांच करे। जैसे गियर बॉक्स, डिफरेंशियल, स्टेरिंग बॉक्स इत्यादि लीकेज हो रहे है या नहीं इसकी जाँच करे लीकेज मिलने पर उसकी मरम्मत करे। 
  • एक्सोस्ट गैसेस की जांच करे ताकि वह लीकेज ना हो। 
  • गाडी के स्टेरिंग गियर बॉक्स, ट्रांसफर केस, रियल ऐक्सल हौजिंग या फ्रंट ड्राइव ऐक्सल हौजिंग इनके ऑइल लेव्हल की जाँच करे। यदि ऑइल लेव्हल कम हो तो उसमे सही ग्रेड का ऑइल डाले। 
  • मास्टर सिलिंडर रिजर्वायर के ब्रेक ऑइल की लेव्हल की जाँच करे। ब्रेक ऑइल लेव्हल कम होने पर सही ग्रेड का ऑइल डाले। 
  • रेडिएटर के कुलेंट की जाँच करे पानी कम होने पर उसमे पानी भरे। 
  • बैटरी के इलेक्ट्रोलाइट की जाँच करे। 
  • बैटरी केबल टर्मिनल की सफाई करे। टर्मिनल को पेट्रोलियम जेली लगाये। बैटरी के पोस्टपर केबल टर्मिनल लगाकर उसके नट को टाईट करे। 
  • इंजिन ऑइल सम्प की जाँच करे आवश्यक होने पर ऑइल बदले। 
  • गाड़ी की 8 से 10 हजार किलोमीटर रनिंग पूरी होने पर इंजिन ऑइल निकालकर सही ग्रेड का ऑइल डाले। 
  • अंत में वाहन के सभी भागो की जाँच करे। 


अनमोल शब्द 

प्रिय पाठकों, हमें खुशी है कि इस लेख में दिए गए "फोर व्हीलर सर्विसिंग प्रक्रिया" की जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित हुई है। साथ ही, अगर आपको यह लेख पसंद आया है, तो इसे अपने परिचितों और सहपाठियों के साथ साझा करें।

धन्यवाद

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