Tuesday, August 27, 2019

इंजन की समस्याओं का आसान समाधान - Easy solution to engine problems

प्रिय पाठकों, आज इस लेख में, हम सीखेंगे कि इंजन की समस्याओं का आसान समाधान। यदि आप पेट्रोल वाहन या डीजल वाहन चला रहे हैं, तो आपको यह जानना होगा कि वाहन के इंजन में किसी प्रकार की खराबी का क्या समाधान है। क्योंकि समय के साथ वाहन में खराबी होने लगती है। यदि आप इंजन के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो इस लेख को अंतिम चरण तक पूरी तरह से पढ़ें। (Easy solution to engine problems in hindi.)



इंजन की समस्याओं को कैसे हल करें

इस लेख में, हम जानेंगे कि इंजन में खराबी क्यों आती है और इसका समाधान क्या है? इसके बारे में। इसके अलावा, इंजन में किसी भी प्रकार की समस्याओं का समाधान क्या है? साथ ही, इंजन के सभी दोषों के बारे में सभी विस्तृत जानकारी इस लेख के माध्यम से हिंदी में प्रस्तुत करने जा रहे हैं।

इंजन यह ऑटोमोबाइल गाड़ियों का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इंजनों की मदद से कोई भी दोपहिया या चौपहिया वाहन एक स्थान से दूसरे स्थान तक संचालित होते हैं। इंजन ईंधन के माध्यम से यांत्रिक शक्ति उत्पन्न करने का काम करता है। इंजन में विभिन्न प्रकार के महत्वपूर्ण हिस्से होते हैं, जिसके द्वारा यह ताकत पैदा करने में सक्षम होता है।

इंजन में विभिन्न प्रकार के भाग होते हैं, जिसमें दोष इंजन को भी प्रभावित करता है। इंजन में पिस्टन, पिस्टन रिंग, पिस्टन हेड, सिलेंडर, सिलेंडर ब्लॉक, क्रैंककेस, वाल्व, बेयरिंग जैसे पुर्जे होते हैं, जो इंजन को संचालित करते हैं। आइए आगे जानते हैं कि वाहन के क्षतिग्रस्त होने पर इंजन पर किस तरह का प्रभाव पड़ता है। इसके बारे में।

इंजन में खराबी क्यों आती है (Why does engine malfunction in hindi)

दुनिया में वाहनों का सबसे अधिक उपयोग किया जाता है। लेकिन समय के साथ, कई तरह की समस्याएं वाहन बनने लगती हैं। उदाहरण के लिए, वाहन चलाते समय वाहन रुक जाता है, वाहन का माइलेज कम हो जाता है, आदि क्योंकि वाहन का इंजन समय के साथ कमजोर हो जाता है। जिसके कारण वह सही सेवा नहीं दे पा रहा है। इंजन की खराबी किसी भी चीज के कारण हो सकती है। जिसके बारे में हम आपको नीचे बताने जा रहे हैं।
  • गाडी को समय के साथ सर्विसिंग न करने से गाडी के इंजन में प्रभाव पड़ सकता है। 
  • गाडी को समय पर ऑइलिंग न करने के कारण भी इंजन ख़राब हो सकता है। 
  • गाडी को नियमित रूप से इस्तेमाल न करने से इंजन में खराबी आ सकती है। 
  • इंजन पिकअप के अनुसार ओवरवेट होने के कारण भी इंजन पर प्रभाव पड़ सकता है। 
  • इंजन की ओवर सर्विस होने के कारण भी इंजन ख़राब हो सकता है। 


इंजन को किस तरह की समस्याएं हो सकती हैं?(What kind of problems can the engine have?)

जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया है, समय के साथ, एक वाहन का इंजन कई समस्याओं का सामना कर सकता है। जिसके कारण आपको काफी पैसा भी खर्च करना पड़ता है। ऊपर दिए गए इंजन की समस्याओं का आसान समाधान। इस संभावना के अनुसार, हम आपको इंजन में आने वाली समस्याओं के बारे में बताने जा रहे हैं।
  • इंजन चालू नहीं होगा। (engine will not turn)
  • इंजन पिकअप कम हो रहा है। (Engine pickup is decreasing)
  • इंजन ओवरहीटिंग हो रहा है। (The engine is overheating)
  • इंजन मिसफायर हो रहा है। (The engine is misfire)
  • इंजन के निकास प्रणाली से धुआं निकल रहा है। (Smoke is emitting from the exhaust system of the engine)
  • गति बढाने पर इंजन बंद हो जाता है। (Engine stops when speed increases)
  • इंजन धीरे-धीरे गर्म होता है। (The engine heats slowly)

इंजन चालू नहीं होगा - How to solve engine problems

इंजन के शुरू न होने के कई कारण हैं साथ ही उपाय भी, जो निम्नलिखित हैं।

समस्या :-
  • ट्रांसमिशन न्यूट्रल में होगा या न्यूट्रल स्विच ख़राब होगी। 
  • स्टार्टिंग मोटर का ड्राइव जाम हुआ है।  
  • बॅटरी ख़राब हुई है या डिस्चार्ज हुई है। 
  • इंटरलॉक में खराबी है। 
उपाय :-
  • ट्रांसमिशन न्यूट्रल को ठीक करें।
  • स्टार्टिंग मोटर को निकालकर समस्या का समाधान करे।
  • बैटरी ख़राब होने पर उसे बदल दें और अगर डिस्चार्ज हो जाए तो उसे चार्ज करें।
  • इंटरलॉक की जांच करें और यदि आवश्यक हो, तो इसकी दुरुस्ती करें।

इंजन पिकअप कम हो रहा है (Engine pickup is decreasing)

समस्या :-
  • कॉम्प्रेशन कम हो रहा है। 
  • व्हॉल्व टाइमिंग गलत है। 
  • ब्रेक या टायर की रचना गलत होगी जिसके कारण ज्यादा आवाज हो रहा है। 
  • ख़राब ईंधन का इस्तेमाल किया गया है। 
  • ईंधन पद्धत गलत है। 
  • कार्बन अधिक जमा हुआ है। 
  • इन्ग्निशन सिस्टम में खराबी है। 
उपाय :-
  • कॉम्प्रेशन काम होने पर पैकिंग बदलना चाहिए। 
  • व्हॉल्व टाइमिंग गलत होने पर सही टाइमिंग लगाए। 
  • ब्रेक टायर की रचना गलत होने पर ख़राब हुए हिस्से को बदले और ब्रेक और टायर की सही रचना करे। 
  • ख़राब ईंधन को निकले और नया ऑक्टेन नम्बर का ईंधन उपयोग करे। 
  • ईंधन पढ़त गलत होने पर कार्बोरेटर, चोक और फ़िल्टर को साफ़ करे। 
  • कार्बन जमा होने पर कार्बन साफ़ करे। 
  • इग्निशन सिस्टम में खराबी होने पर व्हॉल्व टाइमिंग और वायरिंग की जांच करे। 

इंजन ओवरहीट हो रहा है (The engine is overheating)

समस्या :-
  • वॉटर पंप ख़राब है। 
  • वॉटर जैकेट के गड्डे बंद हुए है। 
  • इंजन में कूलेंट कम है। 
  • इंजन में ऑइल कम है। 
  • रेडिएटर का होज पाइप बंद है। 
  • इग्निशन टाइमिंग धीमा है। 
  • वातावरण अधिक गर्म है। 
उपाय :-
  • वॉटर पंप ख़राब होने पर पंप बदले या उसे ठीक करे। 
  • वाटर जैकेट के गड्डे बंद होने पर वॉटर जैकेट साफ़ करे। 
  • इंजन में कूलेंट कम होने पर सही कूलेंट भरके लीकेज की जांच करे। 
  • इंजन में ऑइल कम होने पर आवश्यकता अनुसार ऑइल भरे। 
  • रेडिएटर का होज पाइप बंद होने पर पाइप बदले। 
  • इग्निशन टाइमिंग धीमा होने पर इग्निशन टाइमिंग की सही सेटिंग करे। 
  • वातावरण अधिक गरम होने पर गाडी धीरे चलाए। 

इंजन मिसफायर हो रहा है - How to solve engine problems

समस्या :-
  • कैमशाफ्ट ख़राब हुआ है। 
  • इंजन ज्यादा गरम हो रहा है। 
  • स्पार्क प्लग ख़राब है। 
  • व्हॉल्व स्प्रिंग तूटी है। 
  • कॉम्प्रेशन लीक हो रहा है। 
  • पिस्टन या पिस्टन रिंग ख़राब हुई है। 
  • व्हॉल्व जाम है। 
उपाय :-
  • कैमशाफ्ट ख़राब होने पर कैमशाफ्ट बदले। 
  • इंजन ज्यादा गरम होने पर कूलिंग सिस्टम की जांच करे। 
  • स्पार्क प्लग ख़राब होने पर स्पार्क प्लग साफ़ करे अथवा बदले। 
  • व्हॉल्व स्प्रिंग टूटने पर व्हॉल्व स्प्रिंग बदले। 
  • कॉम्प्रेशन लीक होने पर पैकिंग बदले। 
  • पिस्टन या पिस्टन रिंग ख़राब होने पर पिस्टन की सर्विसिंग करे या ख़राब हुए हिस्से को बदले। 
  • व्हॉल्व जाम होने पर व्हॉल्व की जांच करे और उसकी दुरुस्ती करे। 


इंजन के निकास प्रणाली से धुआँ निकल रहा है (Smoke is emitting from the exhaust system of the engine)

समस्या :-
  • इंजन में ज्यादा ऑइल होगा। 
  • क्लच स्लीप हो रहा है। 
  • फ्यूल पंप का प्रेशर ज्यादा होगा। 
  • एक्सॉस्ट में भाप वापस आई है। 
  • गाडी ज्यादा जोर से चलाई जा रही है। 
उपाय :-
  • इंजन में ज्यादा ऑइल होने पर लीकेज की जाँच करे। साथ ऑइलसिल और पैकिंग बदलकर पिस्टनरिंग और बेअरिंग की जाँच करे। 
  • क्लच  स्लीप होने पर क्लच ठीक करे। 
  • फ्यूल पंप में ज्यादा प्रेशर होने पर प्रेशर काम करे। 
  • एक्सॉस्ट में भाप वापस आने पर गैस्केट बदले और उसे टाइट करे। साथ ही सिलेंडर हेड के बोल्ट टाइट करे और कूलेंट लीकेज बंद करे। 
  • गाड़ी ज्यादा जोर से चलने पर यदि धुआँ निकल रहा है तो गाडी धीरे चलाये। 

गति बढाने पर इंजन बंद हो जाता है (Engine stops when speed increases)

समस्या :-
  • मेन बेअरिंग व्यवस्थित काम नहीं कर रहे है। 
  • एक्सॉस्ट पोर्ट में बहुत कार्बन है। 
  • पिस्टन और सिलेंडर ब्लॉक में क्लिअरन्स कम है। 
  • कूलिंग सिस्टम में पानी नहीं है। 
  • मेन जेट में कचरा है। 
उपाय :-
  • मेन बेअरिंग व्यवस्थित काम न करने पर मेन बेअरिंग बदले। 
  • एक्सॉस्ट पोर्ट में कार्बन होने पर कार्बन निकले। 
  • पिस्टन और सिलेंडर ब्लॉक में क्लिअरन्स कम होने पर सही क्लिअरन्स रखे। 
  • कूलिंग सिस्टम पानी न होने पर पानी भरे। 
  • मेन जेट में कचरा होने पर कचरा साफ़ करे। 

इंजन धीरे-धीरे गर्म होता है - How to solve engine problems

समस्या :-
  • थर्मोस्टैट ठीक से काम नहीं कर रहा है। 
  • कार्बोरेटर को ठीक से पेट्रोल नहीं पहुंच रहा है। 
  • चोक व्हॉल्व बंद है। 
  • इंजन की स्पीड बहुत कम है। 
उपाय :-
  • थर्मोस्टैट ठीक से काम नहीं करने पर उसकी जाँच करे या बदले। 
  • कार्बोरेटर को ठीक से पेट्रोल न पहुंचने पर ईंधन पद्धत की जाँच करे और उसे ठीक करे। 
  • चोक व्हॉल्व बंद रहने पर व्हॉल्व खोले। 
  • इंजन की स्पीड काम होने पर स्पीड को एडजस्ट करे। 


अनमोल शब्द

प्रिय पाठकों, हमें ख़ुशी हैं कि इंजन की समस्याओं का आसान समाधान। इस लेख में दी गई जानकारी कई लोगों के लिए फायदेमंद साबित हुई है। अगर आपको यह लेख पसंद आया है, तो इस लेख को अपने परिचितों और सहपाठियों के साथ साझा करें। इसके अलावा, यदि किसी के पास इस लेख से संबंधित कोई प्रश्न या सुझाव है, तो हमें टिप्पणी करें।

धन्यवाद 

No comments: