Wednesday, April 3, 2019

अब्दुल कलाम का जीवन परिचय ( abdul kalaam ka jivan parichay .)

अब्दुल कलाम जी का क्या जीवन परिचय है .(abdul kalaam ji ka kya jivan parichy hai .)

 अब्दुल कलाम  को किस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है .( abdul kalaam ko kis puraskar se sammanit  kiya gaya hai .)What award has been given to Abdul Kalam ji for which award has been given to Abdul Kalam.

 
अब्दुल कलाम का जीवन परिचय

नमस्ते दोस्तों indiandewa.com में आपका स्वागत है .हम आपको अब्दुल कलाम के जीवन के बारे में परिचित करायेंगे .अब्दुल कलाम को किस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है .और उन्होंने कौन कौन सी किताबे लिखी है उसके बारे में जानेंगे. अब्दुल कलाम का जीवन की संपूर्ण जानकारी हम इस लेख में जानेंगे .


अब्दुल कलाम का जीवन परिचय

डॉ .अब्दुल कलाम भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे। उनका पूरा नाम अबुल पाकिर जैनुलाअबदीन अब्दुल कलाम (ए.पी.जे.)  है। इन्हें मिसाईल मैन तथा जनता के राष्ट्रपती के नाम से वो प्रख्यात थे।  उन्होंने कुछ भारतीय संगठनों (DRDO और ISRO) में  काम किया है। एपीजे कलाम ने 1974 से पहले परमाणु परीक्षण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और दूसरा परमाणु परीक्षण 1998 में हुआ, फिर इस  निर्णायक की भूमिका निभाई।

अब्दुल कलाम ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम और मिसाईल विकास कार्यक्रम से जुड़ गये। और उसी समय से उनका नाम मिसाईल मैन रखा गया है। साल 2002 में भारतीय जनता पार्टी सत्ता में थी और विपक्षीय पार्टी कांग्रेस के समर्थन के अनुसार भारत के 11 वे निर्वाचित राष्ट्रपती चुने गये। अब्दुल कलाम को बहुत सारे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। तथा इन्हें भारत के सर्वोच्च पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। 



अब्दुल कलाम का सुरवाती जीवन 

अब्दुल कलाम का जन्म रामेश्वरम के धनुसकोड़ी गाव में रहने वाले जैनुलअबदीन के घर में 15 ऑक्टोबर 1931 में हुआ। जैनुलअबदीन व्यवसाय से नाविक थे और मध्यमवर्गीय मुसलमान थे। अब्दुल कलाम की माताजी गृहणी थी। अब्दुल कलाम बहोत ही मेहनती थे। इनके परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी। अब्दुल कलाम का परिवार बड़ा था ,उनके पांच भाई और पांच बहन थी। जैनुलअबदीन ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे परंतु उनमे एक चाह और अच्छे संस्कार थे। उन्होंने वही संस्कार और चाह अपने बेटे अब्दुल कलाम को सिखाये और वही बाते कलाम जी के काम आयी।  

अब्दुल कलाम 5 वर्ष के थे तब उनका दाखला रामेश्वरम के प्राथमिक स्कूल में हुआ। उनके अधायपक ने उन्हें कहा था की अगर जीवन में सफलता पाना है तो अनुकुल परिणाम प्राप्त करना है तो आस्था ,अपेक्षा और इच्छा इन्हें अच्छे से समझना  और इन तीनो पर जीत हासिल करना होंगा। स्कूल के दिनों में कलाम पढाई लिखी में सामन्य थे परंतु नई चीजे सिखने के लिए सबसे आगे और तत्पर रहते थे।   

अब्दुल कलाम ने सुरवाती पढ़ाई जारी रखने के लिए वर्तमान पत्र बाटने का काम किया है। उन्होंने 1950 के मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बैचलर ऑफ स्पेस साइंस की डिग्री प्राप्त की। डिग्री प्राप्त होने पर कलाम हावरक्राफ्ट में काम करने के लिए भारतीय रक्षा अनुसंधान तथा विकास संस्थान में दाखला लिए।  

वैज्ञानिक कॅरियर


Օ मद्रास इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से पदवीधर होने के बाद में कलाम ने अनुसंधान और विकास संगठन वैज्ञानिक के तौर पर भर्ती हुए और काम करने लगे। 

Օ पंडित जवाहर लाल नेहरु द्वारा गठित इंडियन नेशनल कमेटी फॉर स्पेस रिसर्च के कलाम सदस्य बने। 

Օ  कलाम ने वैज्ञानिक कॅरियर की सुरवात एक छोटे हेलिकॉप्टर का डिझाइन तयार किया। 

Օ साल 1969 में कलाम का स्थानांतरण भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में हुआ जहा वो जाना चाहते थे। 

Օ भारत के उपग्रह प्रक्षेपण वाहन परियोजना के निदेशक के आधार पर नियुक्त किए गए। भारत का पहला उपग्रह '' रोहिणी '' पृथ्वी की कक्षा में 1980 में सामिल किया गया।

Օ साल 1974 कलाम को पोखरन परिक्षण देखने के लिए बुलाया गया था ,उस समय परमाणु वैज्ञानिक राजा रमन्ना इनके देख रेख में भारत के परमाणु परिक्षण किया गया था। 

Օ  भारत सरकार ने महत्वकांक्षी 'इंटीग्रेटेड मिसाईल डेवलपमेंट प्रोग्राम का प्रारंभ डॉ.कलाम के देख रेख में दिया।इस परियोजना से इन्होने भारत को दो मिसाईल दी अग्नि और पृथ्वी।

Օ july 1992 से december 1999 तक डॉ.कलाम प्रधानमंत्री के विशेष वैज्ञानिक सलाहकार और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के सचिव रहे थे। 

 डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम का राष्ट्रपती कार्यकाल

  • साल 2002 के कार्यकाल में डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम ने भारतीय जनता पार्टी से राष्ट्रपति पद के लिए चुने गए.
  • भारत के राष्ट्रपति के रूप में वे भारत के 11वे राष्ट्रपति थे जिन्हें राष्ट्रपति बन्ने से पहले ही भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.
  • एपीजे अब्दुल कलाम वी ऐसे राष्ट्रपति थे जो बच्चो को भी अधिक प्रिय थे. उनके शाशन काल में उन्होंने बहोत साड़ी किताबे भी लिखी जो भारत को ही नही बल्कि वह विदेश लोगो को भी प्रेरित करती थी.
  • डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का कार्यकाल साल 2002 से साल २००७ तक रहा.
  • उनका कार्यकाल ख़त्म होने के बाद उन्होंने फिरसे सता में आने के लिए सोचा था लेकिन किसी कारण  वश उन्होंने उस सपने को भी त्याग दिया.
  • डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल में कई किताबे लिखी थी जिनमे विंग्स ऑफ़ फायर और 'गाइडिंग सोल्स- डायलॉग्स ऑफ़ द पर्पज ऑफ़ लाइफ'यह भी जगप्रसिद्ध किताबे लिखी थी.

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का राष्ट्रपति कार्यकाल समाप्त होने के बाद.

  • डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का राष्ट्रपति कार्यकाल समाप्त होने के बाद वे कई शहरों वे विश्वविद्यालय में विसिटिंग प्रोफेसर बन गए.
  • वे भारत के बड़े बड़े शहरों में विश्वविद्यालय में विजिट करते समय बच्चो को मोटिवेट करने का भी कार्य किया करते थे.
  • एपीजे अब्दुल कलाम भारत की सबसे बड़ी इंजिनीयरिंग संस्थान अन्ना विश्वविद्यालय के एरोस्पेस इंजीनियरिंग के प्रोफेसर भी थे साथ ही वे भारत के कई शिक्षा संस्थान के भी सहयाक थे.
  • साल 2012 में कलाम साहब ने भारत में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक एक आन्दोलन की शुरुवात की थी जिसमे उन्होंने तमिल कविता लिखने काआनद लिया. साथ ही उन्होंने वेंने नाम का दक्षिणी वाद्य यन्त्र को भी बजाने का भरपूर आनद लिया.
  • अब्दुल कलाम को एक सफल परमाणु वैज्ञानिक के नाम से भीं जाना जाता था. लेकिन इनके आश्वासन देने वाले बाते जिनका कहना था की वह यन्त्र सुरक्षा करना था. इस बात के लिए लोग उनके शत्रु बन गए थे.

अब्दुल कलाम का निधन

  • डॉ. अब्दुल कलाम का निधन 27 जुलाई 2015को भारतीय प्रबंधक संस्थान में दिल का दौरा पड़ने के बाद वे बेहोश होकर गिर गए थे. 
  • करीब समय शाम 6.30 उन्हें बेथानी अस्पताल में लेजाया गया करीब 2 घंटे बाद वहा के अधिक्षको के जांच के बाद उन्हें मृत घ्षित किया गया.
  • जब उनका निधन हुआ तब उनकी आयु 83 वर्षो की थी.


अगर आपको हमारा  यह संदेश अच्छा लगा तो आप हमे टिप्पणी लिखकर भेजे.
                                                                              
                                                                        धन्यवाद

No comments: