Wednesday, June 20, 2018

मधुमखी शहद का व्यवसाय कैसे करे। (Madhumakhi shahad ka vyavsaay kaise kare )

मधुमखी  शहद का व्यवसाय कैसे करे।  (Madhumakhi  shahad  ka   vyavsaay kaise kare ) शहद  का व्यापार कैसा करना चाहिए।( shahad  ka vyapaar kaisa karna chahiye ) मधुमखी का पालन कैसा करना चाहिए। (madhumakhi ka paalan kaisa karna chahiye ) How to follow honey bee . how to do honey bee business .
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मधुमखी पालन व शहद का व्यवसाय कैसे करे , यहाँ से जाने

नमस्कार दोस्तों आज हम मधुमखी का पालन कैसा करे क्यू की हमारे देश में इतनी बेरोजगारी फैल गयी है की हम सोच नहीं सकते। करके हमे स्व:य का रोजगार करना और सीखना चाहिए।  आज हम मधुमखी का पालन और उसका शहद कैसे निकाला जाता है और उससे कैसे बेचे।इसका प्रक्षिशण खादी ग्रामोद्योग संस्था से लिया जाता है और वही से सभी चीजे मिलती है जैसे की खेत में किस तरह से हम मधुमखी की पेटी लगाया जाये।


मधुमखी का पालन हम एक या फिर दो एकड़ में कर सकते है इसका आलावा हम कुछ और भी लगा सकते है। मधुमखी यह मेलफिया जात की होती जिसका हम व्यवसाय कर सकते है। मधुमखी पालन करने के लिए उसकी पेटी रहती है जिसे हमे अपने खेत में लगाना होता है। उसके लिए हमे बहोत सतर्कता से रहना पड़ता है जो की हमे या हमारे आजु बाजू रहने वाले व्यक्तियो को हानि ना पहुंचे।

➧ अभी हम खेत में मधुमखी की पेटी कैसे लगाए

 (१) हमे सबसे पहले जमीनके उपर पेटी रखने के लिए लकड़ी या लोहे का ढांचा तयार करना होगा।
(२) खंबे को जमीन के अंदर गडा दिया जाता है।
(३)लकड़ी या फिर लोहे के ढांचे को खंबे के उपर रख देना।
(४) ढांचे के बीच में एक कटोरी रखी जाती है उसके बाद उसमे पानी दाला जाता है जो की  चींटी जमीन के तरफ से शहद के पेटी के तरफ ना जाये।
(५) पेटी में आठ लकड़ी होती है ,ढांचे के उप्पर मधुमखी अपना छाता तयार करती है।
( ६) पेटी को बारिस से बचाने के लिए पेटी के उप्पर के भाग के लिए लकड़ी का या फिर टिन का झकन तयार करना होगा जो की  पेटी बरसात में सुरक्षित रहे।

➧ शहद कब तयार  होता है  कब निकालते है

 (१) रानी मखी मार्च व ऑक्टोबर में पेटी के बाहर निकलने की कोशिश  करती है। इसके लिए बहोत ध्यान रखना पड़ता है।
( २) दसरे के बाद पेटी के अंदर नई मधुमखी का जन्म होता है उसके बाद उस पेटी में बहोत शहद तयार होता है।
(३) जितनी ज्यादा रानी मधु मखी रहेंगी उतना ज्यादा शहद तयार होगा।
(४) ऑक्टोबर व नोव्हेंबर में बहोत शहद मिलता है।
(५) मार्च और अप्रैल में हंगामा सुरु हो जाता है।
( ६)  शहद निकालने के लिए हमे स्टिल का एक टाकी का उपकरण बनाना पड़ता है फिर टाकी के अंदर मधुमखी का छत्ता डालकर उसको फिर बाहर से हैंडल को घुमाना पडता है ,उससे शहद बाहर निकलता है।
(७) मधुमखी के छत्ते को और शहद को हात न लगाते हुए हम शहद निकाल सकते।


➧ मधुमखी पालन करने का फायदे 

 (१) मधुमखी के द्वारा हमे शहद मिलता है।
(२) मधुमखी के छते से हमे मेण मिलता है।
(३) शहद  बेच के  हम अपना व्यवसाय सुरु कर सकते है।
(४) शहद को  ३०० ते ४०० प्रति की.ग्रा का रेट मिलता है।
(५) एक वर्ष में हम ३० ते ३५ पेटी  शहद हम तयार कर सकते है।
(६) वैसे भी शहद हमारे लिए आयुर्वेदिक है।

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